नाइटशेड सब्जियां क्या हैं?

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नाइटशेड सब्जियां Solanaceae परिवार की सदस्य हैं और इनमें कई ऐसी सब्जियां शामिल हैं जो हम रोजाना खाते हैं। टमाटर, आलू, शिमला मिर्च, बैंगन और मिर्च सभी नाइटशेड परिवार से आती हैं। हाल के वर्षों में इन सब्जियों को लेकर काफी बहस हुई है कि ये स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं या नुकसानदायक।

नाइटशेड नाम कहां से आया

नाइटशेड नाम का इतिहास काफी पुराना है। इस परिवार के कुछ पौधे, जैसे बेलाडोना और मैंड्रेक, अत्यंत जहरीले होते हैं और इनका इस्तेमाल प्राचीन काल में जहर और दवाई दोनों के रूप में किया जाता था। इन जहरीले पौधों के कारण पूरे परिवार को खराब प्रतिष्ठा मिली, भले ही ज्यादातर खाने योग्य नाइटशेड सब्जियां पूरी तरह सुरक्षित हैं।

सभी नाइटशेड पौधों में एल्कालॉइड नामक रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं। खाने योग्य नाइटशेड सब्जियों में इनकी मात्रा बहुत कम होती है और सामान्य उपभोग में यह हानिकारक नहीं है। पकाने से एल्कालॉइड की मात्रा और कम हो जाती है।

आम नाइटशेड सब्जियां

टमाटर शायद सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली नाइटशेड सब्जी है। भारतीय रसोई में टमाटर लगभग हर सब्जी, दाल और करी में डाला जाता है। यह लाइकोपीन का बेहतरीन स्रोत है, एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट जो कई बीमारियों से बचाव में सहायक हो सकता है।

आलू दुनिया की सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली सब्जी है और भारत में इसकी खपत बहुत अधिक है। आलू में विटामिन C, पोटैशियम और विटामिन B6 अच्छी मात्रा में होते हैं। आलू का हरा हिस्सा और अंकुरित आलू में सोलानिन की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इन्हें खाने से बचना चाहिए।

बैंगन भारतीय खानपान का अभिन्न हिस्सा है। भरता, भाजी और चटनी में इस्तेमाल होने वाला बैंगन फाइबर और मैंगनीज का अच्छा स्रोत है। बैंगन की त्वचा में नासुनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो मस्तिष्क की कोशिकाओं की रक्षा करने में सहायक हो सकता है।

शिमला मिर्च विटामिन C के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है। एक लाल शिमला मिर्च में संतरे से तीन गुना ज्यादा विटामिन C होता है। हरी, पीली और लाल मिर्च एक ही पौधे की अलग-अलग अवस्थाएं हैं, लाल मिर्च सबसे पकी हुई और सबसे मीठी होती है।

क्या नाइटशेड सब्जियां सूजन पैदा करती हैं

कुछ लोगों का मानना है कि नाइटशेड सब्जियां जोड़ों में सूजन और दर्द बढ़ाती हैं। यह विचार मुख्य रूप से इन सब्जियों में पाए जाने वाले सोलानिन और कैप्साइसिन जैसे यौगिकों के कारण है। हालांकि वैज्ञानिक शोध में इस दावे का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है।

अधिकांश अध्ययन बताते हैं कि नाइटशेड सब्जियां वास्तव में सूजन कम करने में सहायक हो सकती हैं। टमाटर में लाइकोपीन और मिर्च में कैप्साइसिन दोनों को शोध में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाला पाया गया है।

फिर भी, कुछ लोग इन सब्जियों के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं। अगर आपको लगता है कि नाइटशेड सब्जियां आपकी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाती हैं, तो एक एलिमिनेशन डाइट आजमा सकते हैं। दो से तीन हफ्ते के लिए इन सब्जियों को पूरी तरह बंद करें और फिर एक-एक करके वापस शामिल करें। इससे पता चलेगा कि कोई विशेष सब्जी आपको प्रभावित कर रही है या नहीं।

पोषण के फायदे

नाइटशेड सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर हैं और अधिकांश लोगों के लिए संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम, फाइबर और विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं। इन सब्जियों को अपने आहार से हटाना बिना किसी ठोस चिकित्सीय कारण के उचित नहीं है।

भारतीय खानपान में ये सब्जियां सदियों से इस्तेमाल हो रही हैं और आयुर्वेद में भी इनके कई उपयोग बताए गए हैं। बैंगन को वात दोष संतुलित करने वाला माना जाता है और टमाटर का रस पाचन में सहायक माना जाता है।

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